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नाम - Ak writer
काम –
प्रकर्ति के सोन्दर्य से प्रेम करना
मृत्यु – null
स्कूल की जिन्दगी के वो पल सब ही विध्यार्थी अपनी
जिन्दगी के लम्हों मे संजो कर रखो जब पहलीबार मेरा स्कूल में आना हुआ| तो लगा ऐसा
की मैं क्या करूँगा यहाँ रोजाना आ करके पर जब कुछ दिन बीते और मुझसे बाते करने लगे
और बच्चे तब थोडा अच्छा लगा| फिर एक साल खत्म हुआ | और पड़ी गर्मियों की छुट्टी तब
महसूस हुआ की स्कूल में होते तो एक साथ बेठ कर पढ़ रहे होते | एक दुसरे का खाना खा
रहे होते| और एक दुसरे की बोतल का ठंडा पानी पी रहे होते| यहाँ दूसरा साल पूरा हुआ
और फिर पढाई की अगली सीढ़ी शुरू और फिर स्कूल जाना शुरू अब इतने दिन और इतने साल
बीतने के बाद ऐसा लगता था की स्कूल की छुट्टी कभी हो ही ना और सोचते थे हम यही चार
दोस्त बेठे रहे और बाते करते रहे पर हम थोड़े दिनों या यह कह लो की थोड़े वर्षो के
लिए यह भूल गए की जो हम स्कूल आते है उसका असली महत्व क्या है हमारे माँ बाप हमे
स्कूल भेजते है उनका उद्देश्य क्या है ये बात उन सभी बच्चो में एक या दो बच्चे
सोचते है और फिर से अपनी स्कूल की जिन्दगी में खो जाते है फिर से बीते साल और हो
गयी 10वी 11वी 12वी निकल गए सब कक्षा सहपाठी उस स्कूल की जिन्दगी से दोस्त बीछड गए
पर यादें आज भी जिन्दा है उन यादो को याद करके आज भी मैं हस्ता हु| जब मेने टिफिन बदला, जब मैं गाना गाता था| जब
मैं पागल पनती करके बच्चो को हस्ता था| मैं आज भी वो यादें समेटे हुए हु| पर अगर
में कह दू की हममे से कुछ दोस्तों को उन यादो की परवाह नही तो क्या होगा वो ये भूल
गए है अपनी जिन्दगी के बारे में की जो पल हमने स्कूल की जिन्दगी में एक साथ बिताए
वो अनमोल है उनका कोई मोल नही है उन यादो को कोई हमसे चुरा नही सकता है और वो ये
भी भूल गए है कि जिन्दगी तभी खुशहाल थी जब दोस्तों का साथ था दोस्तों के जाने पर
तो परेशानिया ही परेशानिया है और जिन्दगी नाराज है और अब तुम उन यादो को याद करके
रोओगे जो यादें तुम अपनी स्कूल की जिन्दगी में बिताए हुए हो स्कूल की जिन्दगी बड़ी
ही मनमोहक और दिल को रुला देने वाली होती है किसी भी बूढ़े व्यक्ति को या जो
व्यक्ति कॉलेज मे हो उसे वो स्कूल की सरारते याद दिला दो तो वह हस्ता और रोता भी
है ये वर्ष एक ऐसी जिन्दगी के वर्ष होते है जब आप अपनी जॉब से थके हारे आओ तो उन
पलो को याद कर लेना सारी थकावट दूर हो जाएगी ये यादें आपको हसाएंगे भी और रुलाएंगे
भी और आप कहोगे की जिन्दगी तो स्कूल की ही बढ़िया थी और ना ही किसी भी चीज की जरुरत
थी अब तो केवल संघर्ष और जिम्मेदरिया ही है इसलिए इन छोटे से पलो की जिन्दगी को
सम्भाल कर रखो शायद कभी तुम ज्यादा रोओ और तुम्हे लगे की तुम ज्यादा रो रहे हो तो
ये बाते याद कर लेना हस पड़ोगे और किसी दिन तुम ज्यादा हसो और तुम्हे लगे की तुम
ज्यादा हस रहे हो तो उन यादो को याद करना तुम रो भी पड़ोगे तो सम्भाल कर रखिये ये
स्कूल की ये यादें शायद जिन्दगी मे कभी काम आजाए |
(इस निबंध का उद्देश्य किसी के भी दिल को ठेस
पहुचना नही है )

Great
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